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Grey Hair Natural Remedies: सफेद हो रहे हैं आपके बाल, बिगड़ रहा है डाइजेशन, तो डाइट में शामिल करें ये चीज

Grey Hair Natural Remedies: बालों का सफेद होना कम उम्र में बढ़ रहा है, जिसका कारण तनाव, गलत खानपान और जीवनशैली में बदलाव हैं. आयुर्वेद में वात और पित्त का संतुलन जरूरी माना गया है. सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों की जड़ों को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं और सफेद बालों को अस्थायी रूप से छुपाने में मदद करते हैं. सौंफ की राख बनाकर बनाई गई पाउडर सफेद बालों पर लगाई जाती है, जो बालों को एक दिन तक काला दिखाती है. बेहतर परिणाम के लिए खानपान और तनाव पर भी ध्यान दें.

Grey Hair Natural Remedies: सफेद हो रहे हैं आपके बाल, बिगड़ रहा है डाइजेशन, तो डाइट में शामिल करें ये चीज
सौंफ में मौजूद नेचुरल पिगमेंट बालों पर हल्की डार्क कोटिंग बनाते हैं. फोटो: pixabay

Ayurvedic treatment and remedies for grey hair: आज के दौर में बाल सफेद होना आम समस्‍या बन गया है. समय से पहले या कम उम्र में अकसर लोगों के बाल सफेद होने लगते हैं.  इन्‍हें छिपाने के लिए हम कलर कराते हैं, डाई करते हैं और मेहंदी भी लगाने लगते हैं. लेकिन सफेद बाल केवल उम्र बढ़ने की निशानी नहीं रह गए हैं. बदलते लाइफस्‍टाइल , गलत डाइट, बढ़ता स्‍ट्रेस, नींद की कमी और मोबाइल-लैपटॉप की लगातार स्क्रीन लाइट जैसे कई कारणों से कम उम्र में ही बाल सफेद होने लगे हैं.

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पहले जहां यह समस्या चालीस-पचास की उम्र के बाद दिखाई देती थी, वहीं अब स्कूल-कॉलेज जाने वाले यंगस्‍टर्स के बाल भी सफेद नजर आने लगे हैं. ऐसे में लोग इससे निजात पाने के लिए सॉल्‍यूशन तलाशत रहते हैं. बार-बार हेयर कलर करना न तो सेहत के लिए अच्छा है और न ही हर किसी के पास इतना समय होता है.

वात और पित्त का बैलेंस है बेहद जरूरी

आयुर्वेद में बालों को शरीर की अंदरूनी सेहत का आईना माना गया है. आयुर्वेद मानता है कि जब शरीर में वात और पित्त का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका असर सीधे बालों की जड़ों पर पड़ता है. वहीं विज्ञान भी यह मानता है कि मेलानिन नामक पिगमेंट की कमी से बाल सफेद होते हैं. मेलानिन ही वह तत्व है जो बालों को काला रंग देता है. जब तनाव, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, या न्‍यूट्रीशन की कमी होती है, तो मेलानिन बनना कम हो जाता है. ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें मदद कर सकती हैं.

सौंफ से मिल सकती है राहत

सौंफ उन्हीं नेचुरल चीजों में से एक है. आमतौर पर सौंफ को हम पाचन के लिए जानते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे त्रिदोष नाशक माना गया है. सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लेवोनॉयड्स, और कुछ ऐसे नेचुरल तत्व पाए जाते हैं-. जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं. विज्ञान के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट्स बालों की जड़ों को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं. यही डैमेज बालों के समय से पहले सफेद होने की एक बड़ी वजह बनता है.

सफेद बालों पर कैसे असर करती है सौंफ

सौंफ में मौजूद नेचुरल पिगमेंट बालों पर हल्की डार्क कोटिंग बनाते हैं. यह तरीका बालों को अंदर से काला नहीं करता, लेकिन सफेद बालों को अस्थायी रूप से छुपाने में मदद करता है.

कैसे यूज करें सौंफ

इस देसी नुस्खे की प्रक्रिया भी बहुत सरल है. सबसे पहले सौंफ को साफ पानी में कुछ देर भिगोया जाता है ताकि उसकी अशुद्धियां निकल जाएं. इसके बाद उसे हल्की आंच पर भूनकर पूरी तरह जलाया जाता है. जब सौंफ जलकर काली राख बन जाती है, तो उसे ठंडा करके बहुत बारीक पीस लिया जाता है. यह पाउडर सफेद बालों पर लगाया जाता है. इसका असर एक दिन तक रहता है और अगली बार बाल धोने पर यह हट सकता है.

अगर सफेद बालों की समस्या लगातार बढ़ रही है, तो आयुर्वेद और विज्ञान दोनों यही सलाह देते हैं कि खानपान सुधारें, तनाव न लें, और शरीर को अंदर से मजबूत बनाएं.

अगर आप भी अपने सफेद बालों से छुटकारा पाना चाहती हैं, तो ये सौंफ को आज ही अपनी डाइट में शामिल करना शुरू कर दें.

(ये लेख उन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का ज़िक्र कर सकता है जो एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए उपलब्ध होते हैं. NDTV Convergence Limited (“NDTV”) ऐसे कैंपेन में शामिल रहते हुए भी अपनी एडिटोरियल आज़ादी बनाए रखने की कोशिश करता है. बताए गए किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रदर्शन या दावों की ज़िम्मेदारी NDTV नहीं लेता.)

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