Bhog For Navratri: नवरात्रि का त्योहार देशभर में बेहद धूमधाम से मनाया जा रहा है. हर ओर माता रानी के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है. शारदीय नवरात्र का त्योहार मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के लिए बेहद खास माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. मान्यता है कि नवरात्र के हर दिन मां के विशेष स्वरूप की पूजा करने के साथ उन्हें उनकी पसंद का भोग लगाने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं. यही वजह है कि नवरात्र में पूजा-पाठ के साथ भोग का भी विशेष महत्व होता है.
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पहला नवरात्र का व्रत निकल चुका है. पर क्या अभी तक आपको ये नहीं पता कि माता रानी को किस चीज का भोग लगाना है, तो हम आपकी मदद कर सकते हैं. आज हम आपको हर दिन मां के अलग-अलग स्वरूप को लगाए जाने वाले भोग के बारे में बताने वाले हैं. मजेदार बात यह है कि Amazon से आप इन भोग को ऑर्डर भी कर सकते हैं. इतना ही नहीं, यहां से आप कन्याओं को देने के लिए कंजक का सामान भी बेहद कम दाम में ऑफर किया जा रहा है.
पहला दिन
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन माता रानी को गाय के शुद्ध देसी घी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके अलावा सफेद रंग की मिठाई भी अर्पित कर सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
दूसरा दिन
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है. इस दिन माता को शक्कर, मिश्री या पंचामृत का भोग लगाया जाता है. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को धैर्य, संयम और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है.
तीसरा दिन
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है. इस दिन माता रानी को दूध या दूध से बनी मिठाई, जैसे खीर और रबड़ी का भोग लगा सकते हैं. भक्त मां से सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं.
चौथा दिन
नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा होती है. इस दिन माता को मालपुआ अर्पित करने की परंपरा है. मान्यता है कि मां कुष्मांडा की कृपा से जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली आती है.
पांचवां दिन
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है. इस दिन माता को केला अर्पित करना शुभ माना जाता है. भक्त मां से परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं.
छठा दिन
नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है. इस दिन माता रानी को शहद का भोग लगाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना से भक्तों को साहस और आत्मविश्वास मिलता है.
सातवां दिन
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. इस दिन माता को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है. मान्यता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों को नकारात्मक शक्तियों और भय से बचाती हैं.
आठवां दिन
महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन माता को नारियल या नारियल से बनी मिठाई अर्पित की जाती है. कई घरों में इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है.
नौवां दिन
नवरात्र के नौवें दिन महानवमी मनाई जाती है. इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. माता को हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाने की परंपरा है. इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर भोजन कराया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है. इतना ही नहीं इस दिन कंजकों को अलग-अलग तरह के गिफ्ट आइटम भी दिए जाते हैं.
इनपुट: IANS
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