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Navratri Vrat में ब्लोटिंग, कमजोरी से बचना है तो जानें कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगीरा आटे में से कौन है फायदेमंद

नवरात्रि के व्रत में कई लोगों को ब्लोटिंग, कमजोरी और थकान की समस्या होने लगती है, जिसकी बड़ी वजह गलत आटे का चुनाव होता है. कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा, तीनों ही व्रत में खाए जाने वाले लोकप्रिय ऑप्शन हैं, लेकिन इनका असर शरीर पर अलग‑अलग होता है. कोई आटा ज्यादा देर तक ऊर्जा देता है, तो कोई पाचन के लिए हल्का रहता है. तो यह समझना जरूरी है कि आपके लिए कौन सा आटा ज्यादा फायदेमंद है. इसी के साथ आटे की अच्छी क्वालिटी भी उतनी ही जरूरी होती है, जिसे आप आसानी से Flipkart से खरीद सकते हैं.

Navratri Vrat में ब्लोटिंग, कमजोरी से बचना है तो जानें कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगीरा आटे में से कौन है फायदेमंद
कुट्टू, सिंघाड़ा या राजगीरा? नवरात्रि में सेहतमंद व्रत के लिए कौन-सा आटा रहेगा सबसे अच्छा?; Photo Credit: Copilot

नवरात्रि के व्रत में कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा तीन लोकप्रिय आटे हैं, जिनसे रोटियां, पूड़ी, ढोकला, चीला और हलवा तक बनता है. हर आटे की अपनी खासियत है, कहीं प्रोटीन और फाइबर ज्यादा, कहीं कैल्शियम और आयरन, तो कहीं ग्लूटेन-फ्री होने का फायदा. कौन सा आटा आपके लिए बेहतर है, यह आपकी ज़रूरत, स्वाद और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है. सही कॉम्बिनेशन, पर्याप्त पानी और हल्का पकाने के तरीके अपनाकर आप व्रत में ऊर्जा बनाए रख सकते हैं.

नवरात्रि के दिनों में खानपान सादा और सात्विक रखा जाता है, इसलिए आटे का चुनाव बहुत मायने रखता है. व्रत में प्रचलित तीन आटे, कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा, तीनों ही अनाज नहीं, बल्कि अनाज के ऑप्शन हैं. ये ग्लूटेन-फ्री होते हैं, पेट पर हल्के माने जाते हैं और दिनभर की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं. इनके स्वाद और बनावट में फर्क होता है, इसलिए इनके उपयोग के तरीके भी थोड़े अलग होते हैं. चलिए उस फर्क को समझते हैं और देखते हैं Flipkart पर इन आटे की बेस्ट डील्स. 

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कुट्टू, सिंघाड़ा या राजगीरा? नवरात्रि में सेहतमंद व्रत के लिए कौन-सा आटा रहेगा सबसे अच्छा? Photo Credit: Pexels

अकसर लोग पूछते हैं कि तीनों में सबसे अच्छा कौन है. सच यह है कि एक ही आटा हर किसी के लिए हर समय सही नहीं होता. अगर आपको तेज ऊर्जा चाहिए, तो एक चुनाव बेहतर लगेगा; अगर पाचन संवेदनशील है, तो दूसरा उपयुक्त हो सकता है; और अगर कैल्शियम-आयरन जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पर ध्यान है, तो तीसरा ऑप्शन मदद करेगा. यही कारण है कि समझदारी इसी में है कि आप अपनी आवश्यकता और मौसम के अनुसार इनका संतुलित इस्तेमाल करें.

कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा

  • सभी ग्लूटेन-फ्री हैं, व्रत में मान्य
  • कुट्टू: प्रोटीन और फाइबर अच्छा, तृप्ति अधिक
  • सिंघाड़ा: ठंडक देने वाला, पाचन में हल्का, पोटैशियम का अच्छा स्रोत
  • राजगीरा: प्रोटीन और कैल्शियम-आयरन से भरपूर, हल्की मिठास
  • किसे चुनें: अपनी ऊर्जा जरूरत, पाचन और स्वाद के अनुसार मिलाकर उपयोग करें

कुट्टू आटा – ऊर्जा के लिए अच्छा

क्यों चुनें

  • प्रोटीन और फाइबर अपेक्षाकृत अधिक, इसलिए देर तक पेट भरा रखता है
  • तले बिना बनाया जाए (जैसे कुट्टू का चीला/डोसा), तो हल्का और पौष्टिक बनता है

किसके लिए उपयोगी

  • जिनको जल्दी भूख लगती है या लंबा उपवास रखते हैं
  • जिन्हें रोटियां या चीला खाकर देर तक ऊर्जा चाहिए


सिंघाड़ा आटा – पाचन में हल्का, मौसम के बदलाव में मददगार

क्यों चुनें

  • ठंडक देने वाला माना जाता है; पाचन पर हल्का प्रभाव
  • पोटैशियम से भरपूर, जो शरीर के तरल संतुलन में मदद करता है

किसके लिए उपयोगी

  • जिनका पेट जल्दी गड़बड़ होता है या एसिडिटी की समस्या रहती है
  • हल्की मिठास पसंद हो तो सिंघाड़े का हलवा अच्छा विकल्प

राजगीरा आटा – हड्डियों और रक्त के लिए सहायक

क्यों चुनें

  • प्रोटीन अच्छा, साथ ही कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है
  • हल्की नट्टी खुशबू और स्वाद, मीठे-नमकीन दोनों में चलता है

किसके लिए उपयोगी

  • जिन्हें कैल्शियम-आयरन पर ध्यान देना है
  • बच्चे/बुजुर्ग जिनके लिए हल्का, पौष्टिक ऑप्शन चाहिए


कौन सा आटा सबसे अच्छा है

  • एक ही आटा सभी के लिए सबसे अच्छा नहीं होता
  • सुबह या लंबे उपवास के लिए कुट्टू से तृप्ति रहती है
  • संवेदनशील पाचन में सिंघाड़ा हल्का बैठता है
  • माइक्रोन्यूट्रिएंट फोकस (कैल्शियम-आयरन-प्रोटीन) पर राजगीरा उपयोगी
  • सप्ताह भर के व्रत में तीनों को बारी-बारी या मिलाकर लेना अधिक संतुलित रहता है


व्रत में दिनभर की ऊर्जा बनाए रखने के टिप्स

  • सुबह: राजगीरा या कुट्टू का चीला + दही
  • दोपहर: सिंघाड़ा रोटी + दही पुदीना डिप + सलाद
  • शाम: फलों का कटोरा या भुने मखाने
  • रात: कुट्टू-राजगीरा मिलाकर रोटी/ढोकला + सब्जी (व्रतानुसार)
  • पानी नियमित पिएं; कैफीन कम रखें

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

  • डायबिटीज वाले तले हुए व्रत के भोजन से बचें; फाइबर और प्रोटीन बढ़ाएं
  • गुर्दा, थायरॉयड, या विशेष चिकित्सा स्थिति में आहार परिवर्तन से पहले डॉक्टर/डाइटीशियन से सलाह लें
  • एलर्जी  संकेत दिखें तो संबंधित आटे का उपयोग रोक दें

देखें Flipkart पर कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा के आटे पर बेस्ट डील्स 

नवरात्रि व्रत में कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा, तीनों ही अच्छे ऑप्शन हैं, पर सबसे अच्छा वही है जो आपकी ऊर्जा जरूरत, पाचन, और पोषण लक्ष्यों से मेल खाए. अगर आप तले की जगह स्टीम्ड या तवे पर बने व्यंजन चुनें, आटे को मिलाकर उपयोग करें और दही, फल, मेवे जैसे सरल जोड़ रखें, तो पूरा व्रत हल्का भी रहेगा और पौष्टिक भी. संतुलन, सादगी और समय पर पानी, यही तीन बातें व्रत के भोजन को बेहतर बनाती हैं. साथ ही देखें Flipkart पर कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगीरा के आटे की बेस्ट डील्स. 

(ये लेख उन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का ज़िक्र कर सकता है जो एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए उपलब्ध होते हैं. NDTV Convergence Limited (“NDTV”) ऐसे कैंपेन में शामिल रहते हुए भी अपनी एडिटोरियल आज़ादी बनाए रखने की कोशिश करता है. बताए गए किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रदर्शन या दावों की ज़िम्मेदारी NDTV नहीं लेता.)

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