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डायबिटीज, बीपी, पेट दर्द, गैस दूर करने में मददगार हैं दालें, पर किसको खानी चाहिए कौन-सी दाल?  जानें

Dalon ke fayde: डायबिटीज होने पर चना, मूंग और मसूर दाल का सेवन करने से शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है. वहीं अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं तो आपको मूंग और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए, ये प्रोटीन व फाइबर से भरपूर होती हैं.

डायबिटीज, बीपी, पेट दर्द, गैस दूर करने में मददगार हैं दालें, पर किसको खानी चाहिए कौन-सी दाल?  जानें
दालों के हैं फायदे अनेक. फोटो: Freepik

Dalon ke fayde: दालें हमारे देश में सबसे ज्‍यादा पसंद की जाती हैं. पोषक तत्‍वों से भरपूर दालें हर उम्र के लोगों के लिए आवश्‍यक मानी जाती हैं. छोटे बच्‍चों से लेकर उम्र दराज लोगों तक, ये स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. यही कारण है‍ हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह की दालों की खेती होती है. पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर समतल इलाकों में मौसम के हिसाब से दालों की खेती की जाती है.

दालें हमेशा से हमारी थाली का मुख्य हिस्सा रही हैं. क्या आप जानते हैं कि दालें कई तरह की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती हैं? नहीं, तो आज हम आपको बताने वाले हैं कौन-सी दाल किस तरह की बीमारी से निजात पाने के लिए काम आ सकती है. 

डायबिटीज में है कारगर

शुगर से ग्रस्त लोगों को चना दाल, मूंग दाल और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए, क्योंकि ये ब्‍लड में शुगर की मात्रा को तेजी से नहीं बढ़ाती हैं. डायबिटीज रोगी अरहर की दाल का सेवन कम करें. ये दालें प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं. 

बीपी को करेती हैं कंट्रोल

हाई बीपी के रोगियों को घी से बने पदार्थों और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. उन्हें आहार में मूंग दाल और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए, क्योंकि ये आसानी से डाइजेस्‍ट हो जाती हैं और कोलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करती हैं. चना दाल और मसूर दाल में प्रोटीन और फाइबर के अलावा कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता होती है, जिससे ब्‍लड वेसेल्‍स पर कम प्रेशर आता है.

हार्ट रोगियों के लिए हैं वरदान

हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों को चना दाल और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए. ऐसे में तली हुई चीजों का सेवन कम करना चाहिए. अगर पेट की पाचन शक्ति से जुड़े रोग परेशान कर रहे हैं, तो सिर्फ मूंग की दाल का सेवन करें. मूंग की दाल पाचन में हल्की होती है और इसमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है.

पेट दर्द, गैस करती हैं दूर

पेट दर्द, गैस, और धीमी पाचन शक्ति को तेज करने के लिए मूंग दाल लाभकारी होती है. अगर थकान और कमजोरी महसूस होती है तो इसके लिए अरहर दाल और उड़द दाल का सेवन करना चाहिए, क्योंकि दोनों ही प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर हैं. ये शरीर में रक्त की मात्रा को पूरा करने में मदद देती हैं और कैल्शियम और फाइबर युक्त होती हैं.

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अब सवाल है कि कैसे सेवन करना है. भारतीय घरों में ढेर सारे मसालों के साथ तड़का लगाकर दाल का सेवन किया जाता है, जो कि गलत है. दाल को उबालकर कम मसालों के साथ खाना चाहिए, जिससे उसके पोषक तत्व बरकरार रहें.

इनपुट: IANS Hindi

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