Toothache home remedies to get instant relief: दांत का दर्द एक ऐसी समस्या है, जो दिनभर के काम को सबसे ज्यादा प्रभावित करने लगता है. कभी ठंडा-गरम खाने से झनझनाहट, तो कभी मसूड़ों में सूजन या सड़न के कारण तेज दर्द होने लगता है. आयुर्वेद में दांत दर्द को कम करने के कई प्राकृतिक और असरदार उपाय बताए गए हैं. ये उपाय न केवल आपके दांतों को आराम देते हैं, बल्कि दुर्गंध से भी बचाता है.
अगर आप चाहते हैं कि आप भी दांत के दर्द से सुरक्षित रहें, और हेल्दी बने रहें, तो आपकी किचन में ऐसे कई इंग्रेडिंएट हैं, जो आपकी मदद कर सकते हैं. खाने में शामिल होने वाले ये इंग्रेडिएंट अगर आप भी ऑर्डर करना चाहते हैं, तो Flipkart आपके लिए बजट फ्रेंडली दाम में इन्हें खरीदने का मौका आपको दे रहा है.
| प्रोडक्ट | शेल्फ लाइफ | रेटिंग | कीमत |
| लौंग | 12 महीने | 4.2 | ₹57 |
| नीम | 18 महीने | 4.5 | ₹179 |
| हल्दी | 24 महीने | 4.4 | ₹126 |
| मुलेठी | 34 महीने | 4.3 | ₹200 |
| नमक | 36 महीने | 4.4 | ₹115 |
ये हैं किचन में मौजूद टॉप इंग्रेडिएंट
लौंग
लौंग दांत दर्द के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपायों में से एक है. लौंग में यूजेनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक और एंटीबैक्टीरियल होता है. जब इसे दांत के पास रखा जाता है या उसका तेल लगाया जाता है, तो यह नसों को हल्का सुन्न कर देता है और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. यही कारण है कि लौंग का इस्तेमाल करने से तुरंत राहत महसूस होती है. हालांकि, इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में यह जलन पैदा कर सकता है.
नीम
यह दांतों और मसूड़ों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करते हैं. जब नीम की दातुन से दांत साफ किए जाते हैं तो यह मसूड़ों को मजबूत बनाने का भी काम करता है. वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो नीम मुंह के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे बैक्टीरिया का विकास कम होता है और दांत लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं.
हल्दी
ये एक एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है, जो सूजन और इंफेक्शन को कम करने में कारगर है. इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक होता है. जब हल्दी को पानी या तेल के साथ मिलाकर दांतों पर लगाया जाता है तो यह मसूड़ों की सूजन को कम करता है और दर्द में राहत देता है. साथ ही यह घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करता है, जिससे मसूड़े जल्दी ठीक होते हैं.
मुलेठी
यह अकसर गले की समस्या के लिए जाना जाता है, लेकिन यह दांतों के लिए भी उतने ही फायदेमंद हैं. इसमें मौजूद तत्व बैक्टीरिया से लड़ते हैं और दांतों की सड़न को रोकते हैं. जब मुलेठी का पाउडर इस्तेमाल किया जाता है तो यह दांतों की सतह पर जमा गंदगी को साफ करता है और मसूड़ों को आराम पहुंचाता है. यह एक तरह से प्राकृतिक क्लीनर की तरह काम करता है.
नमक
इसके पानी से कुल्ला करना असरदार तरीका है. गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से मुंह के बैक्टीरिया कम होते हैं और सूजन में राहत मिलती है. नमक में मौजूद गुण संक्रमण को कम करते हैं और मसूड़ों को साफ रखते हैं.
FAQ
सवाल 1: दांत दर्द के लिए लौंग कैसे काम करता है?
जवाब: लौंग में यूजेनॉल होता है, जो दर्द निवारक और एंटीबैक्टीरियल है, नसों को सुन्न कर दर्द कम करता है.
सवाल 2: नीम दांतों के लिए क्यों फायदेमंद है?
जवाब: नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह के हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करते हैं और मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं.
सवाल 3: मुलेठी दांतों के लिए कैसे लाभकारी है?
जवाब: मुलेठी बैक्टीरिया से लड़ती है, दांतों की सफाई करती है और मसूड़ों को आराम पहुंचाती है.
इनुपट: IANS
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