विज्ञापन

आप भी हैं राइस खाने के शौकिन, पर परेशान हैं वात प्रवृत्ति से, तो इन ब्रांड के चावल दे सकते हैं आपको फायदा

Buy rice online: आयुर्वेद के अनुसार वात प्रवृत्ति वाले लोगों को चावल का सेवन ताजा, गर्म और घी के साथ करना चाहिए ताकि वात दोष शांत हो सके. बासी और फ्रिज में रखा ठंडा चावल वात को बढ़ा सकता है और पाचन समस्याएं उत्पन्न कर सकता है, इसलिए सेहतमंद भोजन जरूरी है. अगर आप भी टॉप ब्रांड के राइस लेना चाहते हैं, तो Flipkart आपके लिए परफेक्‍ट प्‍लेटफॉर्म कहा जा सकता है.

आप भी हैं राइस खाने के शौकिन, पर परेशान हैं वात प्रवृत्ति से, तो इन ब्रांड के चावल दे सकते हैं आपको फायदा

Buy rice online: मनुष्य का शरीर प्रवृत्ति पर आधारित होता है और उसी के आधार पर अगर लाइफस्‍टाइल और डाइट को चुना जाए, तो आधी बीमारियों का अंत अपने आप हो जाता है. हालांकि आज के समय में शरीर की प्रवृत्ति के अनुसार आहार लेना मुश्किल है. यही कारण है कि गलत खान-पान की वजह से शरीर में रुखापन, डाइजेशन स्‍लो होना और डाइबिटिज से लेकर थायराइड हर घर की समस्या बनती जा रही है, खासकर उन लोगों में जिनका शरीर वात प्रवृत्ति का होता है. 

भारत में खाने की थाली में चावल का होना नया नहीं है, ये लंबे ऐसे से भारतीय थाली को कंप्‍लीट करता रहा है. लेकिन क्‍या हर कोई चावल का सेवन कर सकता है? यह जान लेना ज्यादा जरूरी है कि वात प्रवृत्ति के लोगों को चावल का सेवन करना चाहिए या फिर नहीं.

कैसी होती है वात प्रवृत्ति

आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष का स्वभाव हल्का, ठंडा और रूखापन देने वाला होता है, जबकि चावल का स्वभाव स्वाद में मीठा, ठंडा और पाचन में आसान होता है. ऐसे में अगर कुछ नियमों के साथ चावल का सेवन किया जाए तो यह वात को शांत करने में मदद करेगा. अब सवाल है कि वात प्रवृत्ति वाले लोगों को चावल का सेवन कैसे करना चाहिए. इसके लिए 1 साल पुराना चावल खाएं, क्योंकि चावल जितना पुराना होता है, उतना ही गुणों से भरपूर होता है.

बासी चावल से बचें

इसके साथ ही हमेशा गर्म और ताजा चावल ही खाएं. फ्रिज में रखा ठंडा और पुराना चावल वात को बढ़ा सकता है और पाचन की समस्या पैदा कर सकता है. चावल का सेवन हमेशा घी के साथ करें. घी चिकनाई से भरा होता है और वात को शांत कर शरीर के रुखेपन को शांत करने में मदद करता है.

दोपहर में ही खाएं चावल

ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि चावल का सेवन हमेशा दोपहर के वक्त लंच में ही करें. इस वक्त पाचन अग्नि तेज होती है और तरह का खाना पचाने में समर्थ होती है. वात प्रवृत्ति वालों को चावल के साथ दही का सेवन करने से बचना चाहिए. इससे शरीर में वात का असंतुलन पैदा होता है. कोशिश करें कि चावल को मूंग की दाल और एक चम्मच घी के साथ खाएं. इससे चावल और शरीर का शुष्कपन कम होगा.

इसके अलावा, वात प्रवृत्ति वालों को रात के समय चावल खाने से परहेज करना चाहिए. रात के समय चावल का सेवन कफ और वात दोनों को असंतुलित कर सकता है.

अगर आप भी अपनी डाइट में चावल को शामिल करना चाहते हैं लेकिन मार्केट में इसकी लंबे रेंज होने के कारण ये समझ नहीं पा रहे हैं, कि कौन-सा राइस खाएं, तो ये मौका आपके लिए दमदार हो सकता है. Flipakrt आपके लिए टॉप ब्रांड और क्‍वालिटी के राइस लेकर आ चुका है. 

इनपुट: IANS

(ये लेख उन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का ज़िक्र कर सकता है जो एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए उपलब्ध होते हैं. NDTV Convergence Limited (“NDTV”) ऐसे कैंपेन में शामिल रहते हुए भी अपनी एडिटोरियल आज़ादी बनाए रखने की कोशिश करता है. बताए गए किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रदर्शन या दावों की ज़िम्मेदारी NDTV नहीं लेता.)

NDTVSHOPPING पर पाएं टॉप ब्रांड के फ़ैशन और ब्यूटी प्रोडक्ट, लेटेस्ट किचन अप्लायंसेज़ और मोबाइल पर शानदार डील

फॉलो करे: