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क्‍या गर्मियों में कर सकते हैं तिल के तेल से मालिश? जानें सही तरीका, और बेस्‍ट आप्‍शन

आयुर्वेद में तिल के तेल से गर्मियों में हफ्ते में दो से तीन बार मालिश करने से वात दोष कम होता है और त्वचा को पोषण मिलता है. गर्मियों में मालिश के लिए तिल तेल हल्का गुनगुना करके सुबह खाली पेट उपयोग करना लाभकारी होता है, इससे ब्‍लड सर्कुलेशन और नींद में सुधार होता है. तेज बुखार, इंफेक्‍शन या त्वचा पर जलन होने पर तिल के तेल से मालिश न करें, इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

क्‍या गर्मियों में कर सकते हैं तिल के तेल से मालिश? जानें सही तरीका, और बेस्‍ट आप्‍शन
तिल के तेल से मालिश के हैं दमदार फायदे. फोटो: Freepik

सर्दियों में शरीर को ठंड से बचाने और गरमाहट देने के लिए अकसर हम तिल के तेल से मालिश करते हैं और इसका सेवन भी करते हैं. तिल शरीर को मजबूती देता है और हड्डियों को भी मजबूत करने में मदद करता है, लेकिन क्या गर्मियों में तिल के तेल से मालिश करना सही है? आयुर्वेद में जहां सर्दियों में तिल के तेल से मालिश को जरूरी माना है, वैसे ही गर्मियों में भी अगर सही समय पर मालिश किया जाए तो लाभकारी परिणाम देखने को मिलेंगे.

क्‍या है “श्रेष्ठ स्नेह”

आयुर्वेद में मालिश का अर्थ है पूरे शरीर पर गुनगुने तेल से रेगुलर, हल्के दबाव के साथ मालिश करना. आयुर्वेद के ग्रंथों में तिल के तेल को “श्रेष्ठ स्नेह” कहा गया है, क्योंकि यह त्वचा की गहराई तक जाकर पोषण देता है और वात दोष को शांत करता है. अब सवाल है कि गर्मियों में तिल तेल से मालिश करें या नहीं. गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ता है और तिल के तेल की तासीर भी गर्म होती है. इसलिए माना जाता है कि गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों से परहेज करें.

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गर्मियों में कितनी बार करनी चाहिए मालिश?

गर्मियों में हफ्ते में दो से तीन दिन तिल के तेल से मालिश कर कर सकते हैं. इसके लिए तेल के हल्का गुनगुना करके सुबह नाश्ता करने से पहले खाली पेट शरीर की हल्के हाथों से मालिश करें. इससे रक्त संचार सही रहता है, जोड़ों के सुरक्षा मिलती है, वात दोष कम होता है, त्वचा को गहराई से पोषण मिलता है और रुखापन कम होता है, तनाव में कमी होती है और नींद में सुधार होता है. आयुर्वेद में मालिश केवल मालिश नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने की पारंपरिक पद्धति है. गर्मियों में भी इसे पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं, बल्कि समझदारी से अपनाने की जरूरत है.

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तिल के तेल से मालिश करते समय रखें इन बातों का ध्‍यान 

मालिश करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है. अगर तेज बुखार या संक्रमण है, या त्वचा पर किसी तरह की एलर्जी या दाने हो रहे हैं, पित्त की वजह से त्वचा लाल है और जलन का अनुभव हो रहा है, या फिर पाचन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न हो रही है, तब भी तिल के तेल से मालिश करने से परहेज करना चाहिए. इससे बुखार और संक्रमण दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं.

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FAQ

सवाल 1: गर्मियों में तिल के तेल से मालिश करना सही है?
जवाब: गर्मियों में हल्का गुनगुना तिल का तेल लेकर हफ्ते में दो से तीन बार मालिश करना लाभकारी होता है.

सवाल 2: आयुर्वेद में तिल के तेल को क्या कहा जाता है?
जवाब: आयुर्वेद में तिल के तेल को श्रेष्ठ स्नेह कहा जाता है क्योंकि यह त्वचा को गहराई से पोषण देता है.

सवाल 3: गर्मियों में मालिश के क्या फायदे हैं?
जवाब: यह रक्त संचार सुधारता है, वात दोष कम करता है, त्वचा पोषित होती है और तनाव व नींद में सुधार होता है.

इनपुट: IANS

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