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जानें क्या है प्रोटीन लेने का सबसे सही समय? हेल्थ और फिटनेस को नुकसान पहुंचाने वाली इस गलती से भी बचें

वर्कआउट के बाद 30 मिनट के अंदर प्रोटीन लेने की बात जितनी मशहूर है, उतनी ज़रूरी नहीं. जानें क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स और देखें टॉप ब्रांड्स के प्रोटीन पाउडर पर शानदार डील्स, और ऑर्डर करें इन्हें Flipkart से.

जानें क्या है प्रोटीन लेने का सबसे सही समय? हेल्थ और फिटनेस को नुकसान पहुंचाने वाली इस गलती से भी बचें
वर्कआउट के बाद कब लें प्रोटीन? जानें सही समय और आम गलतफहमियां; Photo Credit: Pexels

प्रोटीन ऐसा पोषक तत्व है, जिसकी ज़रूरत हर उम्र और हर तरह की लाइफस्टाइल में होती है. चाहे आप फिटनेस के शौकीन हों, वजन घटाने की कोशिश कर रहे हों या सिर्फ़ हेल्दी रहना चाहते हों, प्रोटीन शरीर की बुनियादी ज़रूरत है. शरीर की ज़रूरत, जेंडर और फिज़िकल एक्टिविटी के हिसाब से प्रोटीन की मात्रा ज़रूर बदलती रहती है, लेकिन इसकी अहमियत कभी कम नहीं होती.

आजकल बहुत से लोग प्रोटीन के लिए वेज नॉनवेज डाइट, अंडे, दालें और प्रोटीन शेक का सहारा लेते हैं. खासकर जिम जाने वालों के बीच एक आम धारणा बनी हुई है कि वर्कआउट खत्म होते ही 30 मिनट के अंदर प्रोटीन शेक पीना ज़रूरी है, नहीं तो मसल्स नहीं बनेंगी. लेकिन क्या वाकई प्रोटीन की टाइमिंग इतनी अहम है? हालिया रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय इस सोच से थोड़ी अलग तस्वीर पेश करती है.


क्या वर्कआउट के बाद 30 मिनट में प्रोटीन लेना ज़रूरी है?


लंबे समय तक यह मान्यता रही कि एक्सरसाइज़ के तुरंत बाद प्रोटीन लेना मसल रिकवरी और ग्रोथ के लिए बेहद ज़रूरी है. लेकिन एक बड़ी स्टडी बताती है कि मसल बिल्डिंग पर इस बात का ज़्यादा असर नहीं पड़ता कि आपने प्रोटीन तुरंत लिया या कुछ घंटों बाद.
असल में, मसल्स की सेहत के लिए यह ज़्यादा मायने रखता है कि आप पूरे दिन में कितना प्रोटीन ले रहे हैं. अगर आपकी रोज़ की डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल है, तो मसल्स की मरम्मत और ग्रोथ ठीक से होती है.


कब और कैसे लें प्रोटीन?


एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भले ही 30 मिनट की “एनाबोलिक विंडो” को लेकर ज़्यादा घबराने की ज़रूरत न हो, लेकिन प्रोटीन को सही तरीके से दिनभर में बांटना फायदेमंद होता है.


ध्यान रखने योग्य बातें:

  • दिन की हर मील में 25 से 30 ग्राम प्रोटीन शामिल करें
  • इससे मेटाबॉलिज़्म एक्टिव रहता है
  • बार बार भूख लगने की समस्या कम होती है
  • खाली पेट वर्कआउट करने के बाद 1–2 घंटे के अंदर प्रोटीन लेना रिकवरी में मदद करता है


बढ़ती उम्र में प्रोटीन की टाइमिंग क्यों होती है ज़रूरी?


युवाओं की तुलना में 40 की उम्र के बाद मसल्स धीरे धीरे कमजोर होने लगती हैं. ऐसे में इस उम्र के लोगों के लिए प्रोटीन की टाइमिंग थोड़ी ज़्यादा अहम हो जाती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक:

  • ब्रेकफास्ट और लंच में प्रोटीन की अच्छी मात्रा शामिल करनी चाहिए
  • रात को सोने से पहले धीरे पचने वाला प्रोटीन (जैसे दूध या पनीर) मसल्स रिकवरी में मदद करता है
  • इससे उम्र के साथ मसल्स लॉस का खतरा कम होता है


प्रोटीन की मात्रा ज़्यादा अहम या समय?


हेल्थ एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि “एनाबोलिक विंडो” के पीछे भागने की बजाय आपको अपनी रोज़ की कुल प्रोटीन इनटेक पर ध्यान देना चाहिए.
सही तरीका क्या है?

  • अपने वजन और एक्टिविटी लेवल के हिसाब से प्रोटीन तय करें
  • पूरी मात्रा को दिनभर की मील्स में बांटकर लें
  • प्रोटीन के लिए लीन मीट, अंडे, डेयरी प्रोडक्ट्स, दालें और नट्स को प्राथमिकता दें

कुल मिलाकर यह समझना ज़रूरी है कि प्रोटीन सिर्फ़ सही समय पर लेना ही काफ़ी नहीं, बल्कि सही मात्रा में और सही तरीके से लेना ज़्यादा अहम है. अगर आपकी डेली डाइट बैलेंस्ड है और उसमें पर्याप्त प्रोटीन शामिल है, तो मसल्स ग्रोथ और रिकवरी अपने आप बेहतर होती है. फिटनेस में जल्दबाज़ी के बजाय समझदारी ज़्यादा काम आती है. साथ ही आप टॉप ब्रांड्स के प्रोटीन को Flipkart से अच्छे-खासे डिस्काउंट में ऑर्डर कर सकते हैं. 

(ये लेख उन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का ज़िक्र कर सकता है जो एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए उपलब्ध होते हैं. NDTV Convergence Limited (“NDTV”) ऐसे कैंपेन में शामिल रहते हुए भी अपनी एडिटोरियल आज़ादी बनाए रखने की कोशिश करता है. बताए गए किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रदर्शन या दावों की ज़िम्मेदारी NDTV नहीं लेता.)

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