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Chaitra Navratri के दूसरे दिन पहने इस रंग के आउटफिट, जानें, विजय मुहूर्त और राहुकाल के बारे में 

Chaitra Navratri second day: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है, जो तप और ज्ञान का प्रतीक हैं. आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, जो सभी कार्यों को सफल बनाने वाला शुभ समय माना जाता है. आज के दिन सफेद रंग के आउटफिट पहनना शुभ माना जाता है.

Chaitra Navratri के दूसरे दिन पहने इस रंग के आउटफिट, जानें, विजय मुहूर्त और राहुकाल के बारे में 
नवरात्रि के दूसरे दिन पहने व्‍हाइट रंग के आउटफिट. फोटो: Freepik

Chaitra Navratri second day: आदिशक्ति की आराधना के पर्व चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी. ब्रह्मचारिणी मां की आराधना से तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है. माता को सफेद वस्त्र, चंदन, फूल और सफेद मिठाई चढ़ाने का विधान है. इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है.

सर्वार्थ सिद्धि के साथ अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जो शुक्रवार सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. साथ ही शनिवार दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक विजय मुहूर्त का संयोग है, जो नए कार्य, पूजा और मंत्र जाप के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

19 मार्च को सूर्योदय 6 बजकर 25 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 32 मिनट पर होगा. वहीं, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पूरे दिन के साथ ही अगले दिन यानी 21 मार्च की देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. नक्षत्र रेवती भी अगले दिन देर रात 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, फिर अश्विनी शुरू होगा. योग ब्रह्म रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. करण बालव दोपहर 3 बजकर 43 मिनट तक रहेगा.

सर्वार्थ सिद्धि योग का मुहूर्त

धार्मिक मान्यता है कि सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू किए गए कार्य सफल होते हैं और राहुकाल में कोई नया काम या पूजा करने से वह निष्फल होता है. दृक पंचांग के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 38 मिनट तक और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा.

विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. अमृत काल की बात करें तो रात 12 बजकर 13 मिनट से देर रात 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. वहीं, निशिता मुहूर्त रात 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक है.

अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है. शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक और यमगंड दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 1 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 7 बजकर 56 मिनट से 9 बजकर 27 मिनट तक और वर्ज्य दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से 4 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. इस दौरान कोई भी नया, शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.

माना जाता है कि नवरात्र के दूसरे दिन व्‍हाइट कलर के आउटफिट पहनना बेहद शुभ होता है. अगर आप भी इस नवरात्रि माता रानी की असीम कृपा पाना चाहते हैं, तो Myntra पर मौजूद इन आउटफिट को आज ही ऑर्डर कर दें.

FAQ
सवाल 1: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन किस रूप की पूजा होती है?    
जवाब: मां दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है.

सवाल 2: ब्राह्मचारिणी मां की पूजा से क्या लाभ होते हैं?
जवाब: तप, संयम, ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है.

सवाल 3: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन किस रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है?
जवाब: सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है. 

इनपुट: आईएएनएस

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