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रात के समय आपके बच्चे को भी सोने में होती है परेशानी? इन आसान और असरदार तरीकों से मिलेगी राहत

अगर आपके बच्चे को भी रात के समय सोने में परेशानी होती है, बार‑बार नींद टूटती है या बेचैनी बनी रहती है, तो यह आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. यहां बताए गए आसान और असरदार तरीके आयुर्वेदिक समझ पर आधारित हैं, जो बच्चे की नींद को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं. साथ ही, इन घरेलू उपायों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी इंग्रेडिएंट्स को आप आसानी से Flipkart से ऑर्डर कर सकते हैं.

रात के समय आपके बच्चे को भी सोने में होती है परेशानी? इन आसान और असरदार तरीकों से मिलेगी राहत
बच्चे को रात में नहीं आती गहरी नींद? जानिए राहत पाने के आसान और सुरक्षित तरीके; Photo Credit: Pexels

अकसर देखा जाता है कि छोटे बच्चे दिन में अच्छी तरह खेलते कूदते हैं, ठीक से खाना खाते हैं, लेकिन जैसे ही रात होती है, उनकी नींद बार बार टूटने लगती है. कभी वे डरकर उठ जाते हैं, तो कभी बिना किसी वजह के बेचैन नजर आते हैं. इसका असर न सिर्फ बच्चे की सेहत पर पड़ता है, बल्कि माता पिता की नींद भी पूरी नहीं हो पाती.

रात में नींद पूरी न होने की वजह से बच्चा अगला दिन चिड़चिड़ेपन और थकान के साथ बिताता है. आयुर्वेद के अनुसार, इस तरह की समस्या का संबंध तंत्रिका तंत्र और शरीर में बढ़े वात दोष से होता है. अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद में ऐसे कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर बच्चे की नींद को बेहतर बनाया जा सकता है.

आयुर्वेद में बताए गए आसान उपाय


घी और गुड़ का सेवन


आयुर्वेद के अनुसार, अगर बच्चे को रात में नींद की परेशानी होती है, तो सोने से पहले थोड़े से घी में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर चटाया जा सकता है. यह उपाय बच्चे के मन और शरीर को शांत करने में मदद करता है. घी को तंत्रिका तंत्र को शांत करने वाला माना गया है, जबकि गुड़ शरीर को हल्की ऊर्जा और स्थिरता देता है. इस मिश्रण से बच्चे को गहरी नींद आने में मदद मिल सकती है.

वात दोष को संतुलित करता है घी


रात के समय शरीर में वात अधिक एक्टिव हो जाता है, जिससे नींद प्रभावित होती है. घी वात को संतुलित करने में सहायक माना जाता है. इससे शरीर रिलैक्स होता है और नींद से जुड़े हार्मोन बेहतर तरीके से काम करते हैं, जिससे बच्चा बार बार जागने की समस्या से बच सकता है.


बच्चे के रूटीन में करें ये बदलाव

  • रात के समय बच्चे का मोबाइल या स्क्रीन टाइम कम करें
  • सोने से पहले आसपास का माहौल शांत रखें
  • तेज रोशनी और शोर से बचाएं
  • सोने का एक तय समय बनाएं

अधिक मोबाइल देखने से बच्चे का ब्रेन एक्टिव मोड में रहता है और उसे यह संकेत नहीं मिल पाता कि अब सोने का समय है. इसलिए रात के समय स्क्रीन से दूरी बनाना बहुत जरूरी है.

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है


अगर बच्चा रात में बहुत ज्यादा डरता है और आयुर्वेदिक उपाय अपनाने के बाद भी नींद में सुधार नहीं होता, तो बिना देर किए बाल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. कई बार नींद की परेशानी किसी अन्य स्वास्थ्य कारण की वजह से भी हो सकती है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

बच्चों की अच्छी और गहरी नींद उनके सही विकास के लिए बेहद जरूरी होती है. आयुर्वेद में बताए गए सिंपल उपाय और रोज़मर्रा के रूटीन में छोटे बदलाव कई बार बड़ी राहत दे सकते हैं. हालांकि, अगर समस्या लगातार बनी रहे तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. सही देखभाल, शांत माहौल और भरोसेमंद इंग्रेडिएंट्स के साथ आप अपने बच्चे की नींद को बेहतर बना सकते हैं, जिन्हें Flipkart से आसानी से मंगाया जा सकता है.

(ये लेख उन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का ज़िक्र कर सकता है जो एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए उपलब्ध होते हैं. NDTV Convergence Limited (“NDTV”) ऐसे कैंपेन में शामिल रहते हुए भी अपनी एडिटोरियल आज़ादी बनाए रखने की कोशिश करता है. बताए गए किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रदर्शन या दावों की ज़िम्मेदारी NDTV नहीं लेता.)

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